पंचांग 22 अक्टूबर 2063

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

22 अक्टूबर 2063 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:30
सूर्यास्त18:07
चंद्रोदय06:50
चंद्रास्त18:25
मास:
कार्तिक (अमांत)
संवत:
शक 1985 · विक्रम (चैत्रादि) 2120
संवत्सर:
सुभानु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
शरद · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
तुला
चंद्र राशि:
तुला

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:32 तक, फिर शुक्ल द्वितीया 19:14 (23 अक्टू॰) तक
नक्षत्र
स्वाती 03:17 (23 अक्टू॰) तक, फिर विशाखा 01:53 (24 अक्टू॰) तक
योग
विष्कम्भ 09:29 तक, फिर प्रीति 06:14 (23 अक्टू॰) तक, फिर आयुष्मान 03:23 (24 अक्टू॰) तक
करण
किंस्तुघ्न 10:51 तक, फिर बव 21:32 तक, फिर बालव 08:19 (23 अक्टू॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:42
  • राहु काल07:57 – 09:24
  • यमगंड10:51 – 12:18
  • गुलिक काल13:46 – 15:13

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)06:30 – 07:57
  • काल(वर्जित (परंपरा))07:57 – 09:24
  • शुभ(शुभ)09:24 – 10:51
  • रोग(वर्जित (परंपरा))10:51 – 12:18
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:18 – 13:46
  • चर(सामान्य)13:46 – 15:13
  • लाभ(शुभ)15:13 – 16:40
  • अमृत(शुभ)16:40 – 18:07

रात

  • चर(सामान्य)18:07 – 19:40
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:40 – 21:13
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:13 – 22:46
  • लाभ(शुभ)22:46 – 00:19 (23 अक्टू॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:19 (23 अक्टू॰) – 01:52 (23 अक्टू॰)
  • शुभ(शुभ)01:52 (23 अक्टू॰) – 03:24 (23 अक्टू॰)
  • अमृत(शुभ)03:24 (23 अक्टू॰) – 04:57 (23 अक्टू॰)
  • चर(सामान्य)04:57 (23 अक्टू॰) – 06:30 (23 अक्टू॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

अपनी कुंडली देखें