पंचांग 25 दिसंबर 2063

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

25 दिसंबर 2063 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:03
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय10:57
चंद्रास्त22:55
मास:
पौष (अमांत)
संवत:
शक 1985 · विक्रम (चैत्रादि) 2120
संवत्सर:
सुभानु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
कुंभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 07:47 तक, फिर शुक्ल षष्ठी 10:27 (26 दिस॰) तक
नक्षत्र
शतभिषा 07:01 (26 दिस॰) तक, फिर पूर्वभाद्रपदा 10:08 (27 दिस॰) तक
योग
वज्र 13:10 तक, फिर सिद्धि 14:07 (26 दिस॰) तक
करण
बालव 07:47 तक, फिर कौलव 21:05 तक, फिर तैतिल 10:27 (26 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
  • राहु काल15:19 – 16:42
  • यमगंड09:49 – 11:11
  • गुलिक काल12:34 – 13:57

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:03 – 08:26
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:26 – 09:49
  • चर(सामान्य)09:49 – 11:11
  • लाभ(शुभ)11:11 – 12:34
  • अमृत(शुभ)12:34 – 13:57
  • काल(वर्जित (परंपरा))13:57 – 15:19
  • शुभ(शुभ)15:19 – 16:42
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:42 – 18:05

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:05 – 19:42
  • लाभ(शुभ)19:42 – 21:19
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:19 – 22:57
  • शुभ(शुभ)22:57 – 00:34 (26 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)00:34 (26 दिस॰) – 02:12 (26 दिस॰)
  • चर(सामान्य)02:12 (26 दिस॰) – 03:49 (26 दिस॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:49 (26 दिस॰) – 05:26 (26 दिस॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:26 (26 दिस॰) – 07:04 (26 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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