पंचांग 11 अगस्त 2065

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 अगस्त 2065 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय06:15
सूर्यास्त19:03
चंद्रोदय14:57
चंद्रास्त02:07 (12 अग॰)
मास:
श्रावण (अमांत)
संवत:
शक 1987 · विक्रम (चैत्रादि) 2122
संवत्सर:
पार्थिव (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वर्षा · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
कर्क
चंद्र राशि:
वृश्चिक 02:47 (12 अग॰) तक, फिर धनु

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 17:41 तक, फिर शुक्ल एकादशी 15:32 (12 अग॰) तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:47 (12 अग॰) तक, फिर मूल 01:28 (13 अग॰) तक
योग
इन्द्र 13:34 तक, फिर वैधृति 10:44 (12 अग॰) तक
करण
तैतिल 06:48 तक, फिर गर 17:41 तक, फिर वणिज 04:36 (12 अग॰) तक, फिर विष्टि 15:32 (12 अग॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 13:05
  • राहु काल15:51 – 17:27
  • यमगंड09:27 – 11:03
  • गुलिक काल12:39 – 14:15

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))06:15 – 07:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:51 – 09:27
  • चर(सामान्य)09:27 – 11:03
  • लाभ(शुभ)11:03 – 12:39
  • अमृत(शुभ)12:39 – 14:15
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:15 – 15:51
  • शुभ(शुभ)15:51 – 17:27
  • रोग(वर्जित (परंपरा))17:27 – 19:03

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))19:03 – 20:27
  • लाभ(शुभ)20:27 – 21:51
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:51 – 23:15
  • शुभ(शुभ)23:15 – 00:39 (12 अग॰)
  • अमृत(शुभ)00:39 (12 अग॰) – 02:03 (12 अग॰)
  • चर(सामान्य)02:03 (12 अग॰) – 03:27 (12 अग॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:27 (12 अग॰) – 04:51 (12 अग॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))04:51 (12 अग॰) – 06:15 (12 अग॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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