पंचांग 11 जून 2067

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

11 जून 2067 · शनिवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:11
चंद्रोदयनहीं
चंद्रास्त18:51
मास:
वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1989 · विक्रम (चैत्रादि) 2124
संवत्सर:
सर्वजित (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
वसंत · उत्तरायण
सूर्य राशि:
वृषभ
चंद्र राशि:
वृषभ

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शनिवार
तिथि
कृष्ण अमावस्या 02:10 (12 जून) तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा 03:50 (13 जून) तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:31 तक, फिर मृगशीर्ष 22:43 (12 जून) तक
योग
धृति 15:41 तक, फिर शूल 15:55 (12 जून) तक
करण
चतुष्पद 13:30 तक, फिर नाग 02:10 (12 जून) तक, फिर किंस्तुघ्न 14:57 (12 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00
  • राहु काल09:15 – 10:55
  • यमगंड14:13 – 15:52
  • गुलिक काल05:57 – 07:36

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • काल(वर्जित (परंपरा))05:57 – 07:36
  • शुभ(शुभ)07:36 – 09:15
  • रोग(वर्जित (परंपरा))09:15 – 10:55
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))10:55 – 12:34
  • चर(सामान्य)12:34 – 14:13
  • लाभ(शुभ)14:13 – 15:52
  • अमृत(शुभ)15:52 – 17:31
  • काल(वर्जित (परंपरा))17:31 – 19:11

रात

  • लाभ(शुभ)19:11 – 20:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))20:31 – 21:52
  • शुभ(शुभ)21:52 – 23:13
  • अमृत(शुभ)23:13 – 00:34 (12 जून)
  • चर(सामान्य)00:34 (12 जून) – 01:55 (12 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))01:55 (12 जून) – 03:16 (12 जून)
  • काल(वर्जित (परंपरा))03:16 (12 जून) – 04:36 (12 जून)
  • लाभ(शुभ)04:36 (12 जून) – 05:57 (12 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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