पंचांग 22 जून 2068

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

22 जून 2068 · शुक्रवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय05:59
सूर्यास्त19:14
चंद्रोदय00:34 (23 जून)
चंद्रास्त12:21
मास:
ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1990 · विक्रम (चैत्रादि) 2125
संवत्सर:
सर्वधारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
ग्रीष्म · उत्तरायण
सूर्य राशि:
मिथुन
चंद्र राशि:
मीन

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 07:03 तक, फिर कृष्ण अष्टमी 04:49 (23 जून) तक, फिर कृष्ण नवमी 02:47 (24 जून) तक
नक्षत्र
पूर्वाभाद्रपदा 11:32 तक, फिर उत्तराभाद्रपदा 10:07 (23 जून) तक
योग
आयुष्मान 11:14 तक, फिर सौभाग्य 08:23 (23 जून) तक
करण
बव 07:03 तक, फिर बालव 17:55 तक, फिर कौलव 04:49 (23 जून) तक, फिर तैतिल 15:46 (23 जून) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:10 – 13:03
  • राहु काल10:57 – 12:36
  • यमगंड15:55 – 17:34
  • गुलिक काल07:38 – 09:18

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • चर(सामान्य)05:59 – 07:38
  • लाभ(शुभ)07:38 – 09:18
  • अमृत(शुभ)09:18 – 10:57
  • काल(वर्जित (परंपरा))10:57 – 12:36
  • शुभ(शुभ)12:36 – 14:16
  • रोग(वर्जित (परंपरा))14:16 – 15:55
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))15:55 – 17:34
  • चर(सामान्य)17:34 – 19:14

रात

  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:14 – 20:34
  • काल(वर्जित (परंपरा))20:34 – 21:55
  • लाभ(शुभ)21:55 – 23:16
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))23:16 – 00:36 (23 जून)
  • शुभ(शुभ)00:36 (23 जून) – 01:57 (23 जून)
  • अमृत(शुभ)01:57 (23 जून) – 03:18 (23 जून)
  • चर(सामान्य)03:18 (23 जून) – 04:39 (23 जून)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))04:39 (23 जून) – 05:59 (23 जून)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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