पंचांग 8 जनवरी 2069

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

8 जनवरी 2069 · मंगलवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:08
सूर्यास्त18:13
चंद्रोदय19:07
चंद्रास्त07:26
मास:
पौष (अमांत) · माघ (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1990 · विक्रम (चैत्रादि) 2125
संवत्सर:
सर्वधारी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
मिथुन 07:52 तक, फिर कर्क

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
मंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 18:53 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 19:05 (9 जन॰) तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 13:57 तक, फिर पुष्य 14:38 (9 जन॰) तक
योग
वैधृति 18:49 तक, फिर विष्कम्भ 17:46 (9 जन॰) तक
करण
कौलव 18:53 तक, फिर तैतिल 06:55 (9 जन॰) तक, फिर गर 19:05 (9 जन॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:19 – 13:03
  • राहु काल15:27 – 16:50
  • यमगंड09:55 – 11:18
  • गुलिक काल12:41 – 14:04

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • रोग(वर्जित (परंपरा))07:08 – 08:31
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:31 – 09:55
  • चर(सामान्य)09:55 – 11:18
  • लाभ(शुभ)11:18 – 12:41
  • अमृत(शुभ)12:41 – 14:04
  • काल(वर्जित (परंपरा))14:04 – 15:27
  • शुभ(शुभ)15:27 – 16:50
  • रोग(वर्जित (परंपरा))16:50 – 18:13

रात

  • काल(वर्जित (परंपरा))18:13 – 19:50
  • लाभ(शुभ)19:50 – 21:27
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:27 – 23:04
  • शुभ(शुभ)23:04 – 00:41 (9 जन॰)
  • अमृत(शुभ)00:41 (9 जन॰) – 02:18 (9 जन॰)
  • चर(सामान्य)02:18 (9 जन॰) – 03:55 (9 जन॰)
  • रोग(वर्जित (परंपरा))03:55 (9 जन॰) – 05:32 (9 जन॰)
  • काल(वर्जित (परंपरा))05:32 (9 जन॰) – 07:08 (9 जन॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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