पंचांग 1 अक्टूबर 2069
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
1 अक्टूबर 2069 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय06:25
सूर्यास्त18:22
चंद्रोदय18:52
चंद्रास्त06:44
- मास:
- भाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1991 · विक्रम (चैत्रादि) 2126
- संवत्सर:
- विरोधी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वर्षा · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- कन्या
- चंद्र राशि:
- मीन 02:16 (2 अक्टू॰) तक, फिर मेष
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 20:11 तक, फिर कृष्ण द्वितीया 16:41 (2 अक्टू॰) तक
- नक्षत्र
- रेवती 02:16 (2 अक्टू॰) तक, फिर अश्विनी 23:35 (2 अक्टू॰) तक
- योग
- ध्रुव 19:37 तक, फिर व्याघात 15:36 (2 अक्टू॰) तक
- करण
- बालव 09:55 तक, फिर कौलव 20:11 तक, फिर तैतिल 06:26 (2 अक्टू॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:47
- राहु काल15:23 – 16:53
- यमगंड09:24 – 10:54
- गुलिक काल12:23 – 13:53
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))06:25 – 07:54
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:54 – 09:24
- चर(सामान्य)09:24 – 10:54
- लाभ(शुभ)10:54 – 12:23
- अमृत(शुभ)12:23 – 13:53
- काल(वर्जित (परंपरा))13:53 – 15:23
- शुभ(शुभ)15:23 – 16:53
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:53 – 18:22
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:22 – 19:53
- लाभ(शुभ)19:53 – 21:23
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:23 – 22:53
- शुभ(शुभ)22:53 – 00:24 (2 अक्टू॰)
- अमृत(शुभ)00:24 (2 अक्टू॰) – 01:54 (2 अक्टू॰)
- चर(सामान्य)01:54 (2 अक्टू॰) – 03:24 (2 अक्टू॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:24 (2 अक्टू॰) – 04:55 (2 अक्टू॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:55 (2 अक्टू॰) – 06:25 (2 अक्टू॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22
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