मेष राशि (Aries)
राशि-चक्र की 1वीं राशि · निरयन 0°–30°
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- तत्व
- अग्नि
- स्वभाव (गति)
- चर
- अध्ययन-संकेत
- आरंभ, प्रत्यक्षता
- राशि-चक्र में स्थान
- 0° से 30° (मेष 0° से गिनकर)
प्रतीकात्मक दिशा और पठन-प्रश्न
प्रमुख प्रतीकात्मक दिशा: आरंभ, साहस, सीधी प्रतिक्रिया
पठन का उपयोगी प्रश्न: क्या पहल टिकाऊ योजना से जुड़ी है?
राशि ग्रह की अभिव्यक्ति-शैली बताती है; अकेली राशि से व्यक्तित्व या घटना तय नहीं होती। ग्रह, भाव, राशि-स्वामी, दृष्टि और दशा साथ देखें।
मेष राशि में नक्षत्र और पद
| नक्षत्र | पद | मेष में अंश |
|---|---|---|
| अश्विनी | 1, 2, 3, 4 | 0°00′ – 13°20′ |
| भरणी | 1, 2, 3, 4 | 13°20′ – 26°40′ |
| कृत्तिका | 1 | 26°40′ – 30°00′ |
हर राशि 30° = सवा दो नक्षत्र = 9 पद (हर पद 3°20′)।
पुस्तक में कहाँ पढ़ें
- बारह राशियों की अध्ययन-प्रोफाइलपृष्ठ 49
- अध्याय 2 · बारह राशियाँ: तत्व, स्वभाव और स्वामीपृष्ठ 10
- अध्याय 5 · लग्न और उत्तर भारतीय कुंडली की रचनापृष्ठ 19
पृष्ठ-संख्या ‘व्यावहारिक कुंडली विज्ञान’ (अष्टम संस्करण, 166 पृष्ठ) की है।
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यह पुस्तक शैक्षिक अध्ययन-सामग्री है। इसमें दी गई ज्योतिषीय व्याख्याएँ पारंपरिक और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए हैं; वे निश्चित भविष्यवाणी, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं हैं।