पंचांग 31 दिसंबर 2013
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
31 दिसंबर 2013 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:06
सूर्यास्त18:08
चंद्रोदय06:38 (1 जन॰)
चंद्रास्त17:09
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1935 · विक्रम (चैत्रादि) 2070
- संवत्सर:
- विजय (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 14:06 तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्दशी 20:30 तक, फिर कृष्ण अमावस्या 16:44 (1 जन॰) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 14:06 तक, फिर मूल 11:08 (1 जन॰) तक
- योग
- गण्ड 10:28 तक, फिर वृद्धि 06:14 (1 जन॰) तक, फिर ध्रुव 01:49 (2 जन॰) तक
- करण
- विष्टि 10:18 तक, फिर शकुनि 20:30 तक, फिर चतुष्पद 06:39 (1 जन॰) तक, फिर नाग 16:44 (1 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:15 – 12:59
- राहु काल15:23 – 16:45
- यमगंड09:51 – 11:14
- गुलिक काल12:37 – 14:00
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:06 – 08:29
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:29 – 09:51
- चर(सामान्य)09:51 – 11:14
- लाभ(शुभ)11:14 – 12:37
- अमृत(शुभ)12:37 – 14:00
- काल(वर्जित (परंपरा))14:00 – 15:23
- शुभ(शुभ)15:23 – 16:45
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:45 – 18:08
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:08 – 19:45
- लाभ(शुभ)19:45 – 21:23
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:23 – 23:00
- शुभ(शुभ)23:00 – 00:37 (1 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:37 (1 जन॰) – 02:14 (1 जन॰)
- चर(सामान्य)02:14 (1 जन॰) – 03:52 (1 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:52 (1 जन॰) – 05:29 (1 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:29 (1 जन॰) – 07:06 (1 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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