पंचांग 20 मई 2025
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
20 मई 2025 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:59
सूर्यास्त19:03
चंद्रोदय01:23 (21 मई)
चंद्रास्त12:20
- मास:
- वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1947 · विक्रम (चैत्रादि) 2082
- संवत्सर:
- विश्वावसु (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- मकर 07:35 तक, फिर कुंभ
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी 04:56 (21 मई) तक, फिर कृष्ण नवमी 03:22 (22 मई) तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा 19:32 तक, फिर शतभिषा 18:58 (21 मई) तक
- योग
- इन्द्र 02:50 (21 मई) तक, फिर वैधृति 00:34 (22 मई) तक
- करण
- बालव 17:28 तक, फिर कौलव 04:56 (21 मई) तक, फिर तैतिल 16:13 (21 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
- राहु काल15:47 – 17:25
- यमगंड09:15 – 10:53
- गुलिक काल12:31 – 14:09
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:59 – 07:37
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:37 – 09:15
- चर(सामान्य)09:15 – 10:53
- लाभ(शुभ)10:53 – 12:31
- अमृत(शुभ)12:31 – 14:09
- काल(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:47
- शुभ(शुभ)15:47 – 17:25
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:25 – 19:03
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:03 – 20:25
- लाभ(शुभ)20:25 – 21:47
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:47 – 23:09
- शुभ(शुभ)23:09 – 00:31 (21 मई)
- अमृत(शुभ)00:31 (21 मई) – 01:53 (21 मई)
- चर(सामान्य)01:53 (21 मई) – 03:15 (21 मई)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:15 (21 मई) – 04:37 (21 मई)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:37 (21 मई) – 05:59 (21 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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