पंचांग 5 जनवरी 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
5 जनवरी 2027 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय07:07
सूर्यास्त18:11
चंद्रोदय05:54 (6 जन॰)
चंद्रास्त16:04
- मास:
- मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- हेमंत · दक्षिणायन
- सूर्य राशि:
- धनु
- चंद्र राशि:
- वृश्चिक 03:07 (6 जन॰) तक, फिर धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी 20:40 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी 23:14 (6 जन॰) तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा 03:07 (6 जन॰) तक, फिर मूल 06:08 (7 जन॰) तक
- योग
- गण्ड 12:43 तक, फिर वृद्धि 13:32 (6 जन॰) तक
- करण
- गर 07:26 तक, फिर वणिज 20:40 तक, फिर विष्टि 09:56 (6 जन॰) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:17 – 13:01
- राहु काल15:25 – 16:48
- यमगंड09:53 – 11:16
- गुलिक काल12:39 – 14:02
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))07:07 – 08:30
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))08:30 – 09:53
- चर(सामान्य)09:53 – 11:16
- लाभ(शुभ)11:16 – 12:39
- अमृत(शुभ)12:39 – 14:02
- काल(वर्जित (परंपरा))14:02 – 15:25
- शुभ(शुभ)15:25 – 16:48
- रोग(वर्जित (परंपरा))16:48 – 18:11
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))18:11 – 19:48
- लाभ(शुभ)19:48 – 21:25
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:25 – 23:02
- शुभ(शुभ)23:02 – 00:39 (6 जन॰)
- अमृत(शुभ)00:39 (6 जन॰) – 02:16 (6 जन॰)
- चर(सामान्य)02:16 (6 जन॰) – 03:54 (6 जन॰)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:54 (6 जन॰) – 05:31 (6 जन॰)
- काल(वर्जित (परंपरा))05:31 (6 जन॰) – 07:08 (6 जन॰)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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