पंचांग 25 मई 2027
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
25 मई 2027 · मंगलवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:58
सूर्यास्त19:04
चंद्रोदय23:14
चंद्रास्त09:48
- मास:
- वैशाख (अमांत) · ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1949 · विक्रम (चैत्रादि) 2084
- संवत्सर:
- प्लवंग (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- वसंत · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- मकर
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 01:31 (26 मई) तक, फिर कृष्ण षष्ठी 04:05 (27 मई) तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा 01:12 (26 मई) तक, फिर श्रवण 04:19 (27 मई) तक
- योग
- शुक्ल 00:57 (26 मई) तक, फिर ब्रह्म 02:02 (27 मई) तक
- करण
- कौलव 12:14 तक, फिर तैतिल 01:31 (26 मई) तक, फिर गर 14:48 (26 मई) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:05 – 12:57
- राहु काल15:48 – 17:26
- यमगंड09:14 – 10:53
- गुलिक काल12:31 – 14:09
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- रोग(वर्जित (परंपरा))05:58 – 07:36
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))07:36 – 09:14
- चर(सामान्य)09:14 – 10:53
- लाभ(शुभ)10:53 – 12:31
- अमृत(शुभ)12:31 – 14:09
- काल(वर्जित (परंपरा))14:09 – 15:48
- शुभ(शुभ)15:48 – 17:26
- रोग(वर्जित (परंपरा))17:26 – 19:04
रात
- काल(वर्जित (परंपरा))19:04 – 20:26
- लाभ(शुभ)20:26 – 21:48
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))21:48 – 23:09
- शुभ(शुभ)23:09 – 00:31 (26 मई)
- अमृत(शुभ)00:31 (26 मई) – 01:53 (26 मई)
- चर(सामान्य)01:53 (26 मई) – 03:14 (26 मई)
- रोग(वर्जित (परंपरा))03:14 (26 मई) – 04:36 (26 मई)
- काल(वर्जित (परंपरा))04:36 (26 मई) – 05:58 (26 मई)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 61
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