पंचांग 8 जून 2039
तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।
स्थान
तिथि (तारीख)
8 जून 2039 · बुधवार
पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)
इस महीने का पंचांग (कैलेंडर) सूर्योदय05:57
सूर्यास्त19:09
चंद्रोदय21:05
चंद्रास्त07:17
- मास:
- ज्येष्ठ (अमांत) · आषाढ़ (पूर्णिमांत)
- संवत:
- शक 1961 · विक्रम (चैत्रादि) 2096
- संवत्सर:
- सिद्धार्थी (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
- ऋतु · अयन:
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- सूर्य राशि:
- वृषभ
- चंद्र राशि:
- धनु
पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 17:04 तक, फिर कृष्ण तृतीया 13:57 (9 जून) तक
- नक्षत्र
- मूल 10:55 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा 08:30 (9 जून) तक
- योग
- शुभ 11:33 तक, फिर शुक्ल 07:49 (9 जून) तक
- करण
- तैतिल 06:47 तक, फिर गर 17:04 तक, फिर वणिज 03:27 (9 जून) तक, फिर विष्टि 13:57 (9 जून) तक
मुहूर्त-काल
- अभिजित मुहूर्त12:07 – 13:00परंपरा में बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता
- राहु काल12:33 – 14:12
- यमगंड07:36 – 09:15
- गुलिक काल10:54 – 12:33
राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।
चौघड़िया
दिन
- लाभ(शुभ)05:57 – 07:36
- अमृत(शुभ)07:36 – 09:15
- काल(वर्जित (परंपरा))09:15 – 10:54
- शुभ(शुभ)10:54 – 12:33
- रोग(वर्जित (परंपरा))12:33 – 14:12
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))14:12 – 15:51
- चर(सामान्य)15:51 – 17:30
- लाभ(शुभ)17:30 – 19:09
रात
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))19:09 – 20:30
- शुभ(शुभ)20:30 – 21:51
- अमृत(शुभ)21:51 – 23:12
- चर(सामान्य)23:12 – 00:33 (9 जून)
- रोग(वर्जित (परंपरा))00:33 (9 जून) – 01:54 (9 जून)
- काल(वर्जित (परंपरा))01:54 (9 जून) – 03:15 (9 जून)
- लाभ(शुभ)03:15 (9 जून) – 04:36 (9 जून)
- उद्वेग(वर्जित (परंपरा))04:36 (9 जून) – 05:57 (9 जून)
पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।
निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।
पुस्तक में:विस्तार 4 · पंचांग, तिथि, योग और करण · पृष्ठ 123
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