पंचांग 29 दिसंबर 2064

तिथि और स्थान चुनें — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। गणना आपके फ़ोन पर ही होती है।

स्थान
तिथि (तारीख)

29 दिसंबर 2064 · सोमवार

पुणे — Pune, Maharashtra · समय इस स्थान के समय-क्षेत्र में (Asia/Kolkata)

इस महीने का पंचांग (कैलेंडर)
सूर्योदय07:05
सूर्यास्त18:07
चंद्रोदय23:26
चंद्रास्त11:05
मास:
मार्गशीर्ष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत)
संवत:
शक 1986 · विक्रम (चैत्रादि) 2121
संवत्सर:
तारण (शक-आधारित, महाराष्ट्र/दक्षिण परंपरा)
ऋतु · अयन:
हेमंत · दक्षिणायन
सूर्य राशि:
धनु
चंद्र राशि:
सिंह 03:07 (30 दिस॰) तक, फिर कन्या

पंचांग के अंग — सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:02 तक, फिर कृष्ण सप्तमी 18:17 (30 दिस॰) तक
नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी 21:21 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी 20:15 (30 दिस॰) तक
योग
आयुष्मान 20:21 तक, फिर सौभाग्य 17:43 (30 दिस॰) तक
करण
गर 08:49 तक, फिर वणिज 20:02 तक, फिर विष्टि 07:12 (30 दिस॰) तक

मुहूर्त-काल

  • अभिजित मुहूर्त12:14 – 12:58
  • राहु काल08:28 – 09:51
  • यमगंड11:14 – 12:36
  • गुलिक काल13:59 – 15:22

राहु काल, यमगंड और गुलिक परंपरा में नए शुभ कार्य के आरंभ के लिए टाले जाने वाले काल हैं — रोज़ के काम के लिए डरने का कारण नहीं।

चौघड़िया

दिन

  • अमृत(शुभ)07:05 – 08:28
  • काल(वर्जित (परंपरा))08:28 – 09:51
  • शुभ(शुभ)09:51 – 11:14
  • रोग(वर्जित (परंपरा))11:14 – 12:36
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))12:36 – 13:59
  • चर(सामान्य)13:59 – 15:22
  • लाभ(शुभ)15:22 – 16:45
  • अमृत(शुभ)16:45 – 18:07

रात

  • चर(सामान्य)18:07 – 19:45
  • रोग(वर्जित (परंपरा))19:45 – 21:22
  • काल(वर्जित (परंपरा))21:22 – 22:59
  • लाभ(शुभ)22:59 – 00:36 (30 दिस॰)
  • उद्वेग(वर्जित (परंपरा))00:36 (30 दिस॰) – 02:14 (30 दिस॰)
  • शुभ(शुभ)02:14 (30 दिस॰) – 03:51 (30 दिस॰)
  • अमृत(शुभ)03:51 (30 दिस॰) – 05:28 (30 दिस॰)
  • चर(सामान्य)05:28 (30 दिस॰) – 07:06 (30 दिस॰)

पुस्तक: पंचांग स्थान, सूर्योदय, समय-क्षेत्र और अयनांश पर निर्भर है — संस्कार, पर्व या मुहूर्त के लिए प्रकाशित स्थानीय पंचांग से समय सत्यापित करें।

निरयन लाहिड़ी अयनांश; सूर्योदय-सूर्यास्त सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे से, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। प्रकाशित पंचांगों से 1–2 मिनट का अंतर संभव।

पुस्तक में:अध्याय 3 · जन्म-विवरण से कुंडली कैसे बनती है · पृष्ठ 22

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